60 साल के पुरुष के लिए अच्छा आहार क्या है?HealthPlanet

Posted on Thu 9th Mar 2023 : 12:21

सीनियर सिटीजन की डाइट: अंडा​

बुढ़ापे में शरीर प्रोटीन का इस्तेमाल बेहतर तरीके से नहीं कर पाता है। इसलिए, शरीर की ताकत और मसल्स को बनाए रखने के लिए एक निश्चित मात्रा में प्रोटीन की जरूरत होती है। जो कि अंडा खाकर प्राप्त की जा सकती है। इसलिए बुजुर्गों की डाइट में अंडा जरूर शामिल होना चाहिए। बुढ़ापे में अंडा खाने से 13 जरूरी पोषक तत्व प्राप्त होते हैं।

दही खाने के फायदे

सीनियर सिटीजन की प्लेट में दही जरूर शामिल होनी चाहिए। क्योंकि, दही खाने से कैल्शियम मिलता है। जो बुढ़ापे में कमजोर हो रही हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है। वहीं, यह गट हेल्थ के लिए बेहतरीन फूड है। क्योंकि, दही में पाचन के लिए फायदेमंद हेल्दी बैक्टीरिया होते हैं।

ब्रॉकली खाने के फायदे

बूढ़े लोगों को ब्रॉकली का सेवन भी करना चाहिए। क्योंकि, ब्रॉकली ना सिर्फ हाई फाइबर फूड (high fiber food) है, जो पाचन को सही रखती है। बल्कि, ब्रॉकली में मौजूद न्यूट्रिशन हार्ट डिजीज, डायबिटीज और आंखों की समस्याओं से बचाव भी देते हैं। ब्रॉकली के अंदर फाइबर समेत विटामिन ए, विटामिन के, पोटैशियम, विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट्स, बायोएक्टिव कंपाउंड जैसे कई पोषक तत्व होते हैं।

बुढ़ापे में पालक का सेवन

बुढ़ापे में खून की कमी होना आम समस्या है, जो कि आमतौर पर शरीर में आयरन की कमी के कारण होती है। इसलिए बुजुर्गों की डाइट में आयरन से भरपूर पालक को शामिल करना चाहिए। पालक में आयरन के साथ कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फोलेट, प्रोटीन होता है। यह हेल्दी फूड हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में काफी मददगार होता है।

बुजुर्ग जरूर पीएं दूध

बुढ़ापे में दूध पीने से जबरदस्त फायदे मिलते हैं। क्योंकि, विटामिन डी और कैल्शियम से भरपूर दूध एक हेल्दी ड्रिंक है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है, जिसके कारण हड्डियों को कमजोर बनाने वाली ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी हो सकती है। लेकिन, अगर कोई लैक्टोज इनटॉलरेंस है, तो वह डेयरी मिल्क (गाय या भैंस का दूध) की जगह सोया मिल्क पी सकता है।

सूखे मेवा और बीज

अक्सर बुजुर्ग सूखे मेवा और स्वास्थ्यवर्धक बीजों का सेवन नहीं करते हैं। इसलिए, हमने बुजुर्गों की डाइट में इन्हें शामिल किया है। बादाम, अखरोट, काजू, सूरजमुखी के बीज आदि खाने से उम्र बढ़ने के कारण होने वाली हेल्थ प्रॉब्लम्स से बचाव किया जा सकता है। आपको बता दें कि 60 साल की उम्र के बाद टाइप 2 डायबिटीज, नसों की समस्या, कमजोर याददाश्त, स्ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा ज्यादा हो जाता है।

हरी मूंग दाल की खिचड़ी

बुढ़ापे में हरी मूंग दाल की खिचड़ी खाना काफी लाभदायक चीज है। क्योंकि, हरी मूंग दाल की खिचड़ी ना सिर्फ पचने में आसान होती है, बल्कि संतुलित वजन, बेहतर ब्लड सर्कुलेशन, भरपूर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन बी1, जिंक जैसे कई सारे पोषक तत्व देना जैसे फायदे देती है।

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